
(11 Aug) नई दिल्ली। हमारे देश में लड़कियों को अक्सर कहा जाता है कि मासिक धर्म से जुड़ी किसी भी बात का जिक्र वो किसी के सामने ना करें, जिसके कारण पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय दर्द में भी महिलाएं और लड़कियां घरों में चुपचाप काम करती हैं। उनके अंदर मासिक धर्म को लेकर बहुत सारी झिझक भी होती हैं जबकि सच में तो यह एक नेचुरल प्रासेस है। इन्हीं सारी बातों से लोगों को अवगत कराने और पीरियड्स के दौरान कोई महिला अछूत नहीं हो जाती है इस बात को बताने के लिए लंदन मैराथन में धाविका किरन गांधी ने अपने पीरियड्स में बिना पैड लिए पूरा मैराथन दौड़ा। 26 साल की किरन गांधी ने पीरियड्स के दौरान बिना सैनिटरी पैड या टैंपॉन लगाए 26 मील (लगभग 42 किलोमीटर) की रेस पूरी की। किरन ने अपनी इस दौड़ की तस्वीरें अपनी वेबसाइट ' नामक शीर्षक के तहत पोस्ट की है। Source: hindi.oneindia.com 26 साल की किरन गांधी ने पीरियड्स के दौरान बिना सैनिटरी पैड या टैंपॉन लगाए 26 मील (लगभग 42 किलोमीटर) की रेस पूरी की। किरन गांधी अपनी इस रेस के जरिये लोगों को महिलाओं के हर महीने होने वाले दर्द से लोगों को जागरूक करना
No comments:
Post a Comment